पुष्पों की कोमल पंखुरियाँ,बिखरे जिनके अभिनन्दन में,
मकरंद मिलाती है अपना स्वागत के कुंम-कुम चंदन में !
कोमल मलय पवन बसंती से क्या खुश्बू लाई है ,
रहे आप हमेशा खुशियाल मनमधुवन से यह संदेशा लाई है!!
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©sanjan
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