"प्यार और प्रेरणा की मेरी कहानी"💖
पक्षियों के गीत के साथ , झरने कि कल - कल के साथ।
शुरु होती है मेरी कहानी सूर्य के प्रथम अंशु के साथ।
पूछता है कोई मुझसे क्यों लिखती हु मै ।
खामोश खड़ी मुस्कुरा देती हु मै ।
लिखना ही मेरे जीवन का अंग और आधार है।
बिना लिखे ना मेरी सुबह है ना मेरी शाम ही।
दोस्त नही है कोई मेरा किताबे ही सच्ची दोस्ती निभाएगी ।
संसार के दिये गये घावों पर कविता ही मलहम लगाएगी ।
कहते है लोग लिखना तो पागलपन की निशानी होती है ।
वे क्या जाने पागलपन से दोस्ती कैसी होती है?
कविता वह अजस्र धारा होती है ।
जिसके रसपान से प्यास अविरल बढती जाती है ।