प्यार का अँधेरा पक्ष
प्यार में रोशनी भी है, पर कहीं अँधेरा भी है,
हँसी के पीछे छुपा हुआ, एक गहरा सवेरा भी है।
दिल जब टूटता है, तो आवाज़ नहीं आती,
पर हर खामोशी में छुपी, एक कहानी कह जाती।
वो वादे जो कभी चाँद से भी ऊँचे लगे थे,
वक़्त के साथ वही सपने, अधूरे से जगे थे।
आँखों में जो चमक थी, वो अब धुंधली सी लगती है,
प्यार की वही राह अब, थोड़ी मुश्किल सी लगती है।
फिर भी दिल ये मानता है, कि प्यार ही सच्चा है,
अँधेरा जितना भी हो, उजाला वहीं अच्छा है।
N