काले गोरे का, नहीं करेंगे भेदभाव
काले गोरे का, नहीं करेंगे भेदभाव
विभिन्नता में भी, लाएंगे एकता का भाव
अमीर हो या, गरीब
साथ चलकर करेंगे विकास
अब तो यही है नारा,
चल मिल कर मनाये एकता दिवस
चल मिल कर मनाये एकता दिवस
हिंदी हो या मुस्लिम,
सिख हो या ईसाई,
किसी धर्म या जाति का व्यक्ति,
सारे धर्म से सर्वपरि
मानवता का नाम
सारे धर्म से सर्वपरि
मानवता का नाम
चल करले एक ठान,
लाएंगे सब में एकता का भाव
लाएंगे सब में एकता का भाव.....
क्यों करते हो तुम खून खराबा?
क्यों भरते हो, तुम नोटों से जेब तुम्हारा?
चल इक कर ले प्रण,
नहीं करेंगे भ्रस्टाचार का दफ़्तर
नहीं करेगें खुनो का हाथ,
करलो एकता का प्रण
अपने देश के लिए
करलो एकता का प्रण
उस माटी के नाम
सब में लाएंगे एकता का भाव
सब में लाएंगे एकता का भाव
हस कर अपनायेगे
हर नन्ही सी जान को
बना कर उसको काबिल
उसका अधिकार दिलाएंगे
हर नारी को सम्मान दिला कर
उनको ऊचाई पर पहुँचायेगे
चल करले इक प्रण
सब में लाएंगे एकता का भाव
सब में लाएंगे एकता का भाव
उच नीच का का भेदभाव हटाके
हर जाति को अपना बना के
मानवता में मानवता जगा के
अपने देश के विकाश का राह बना के
चल करले इक प्रण
वसुधैव कुटूबकम का
नारा अपनाके,
सब में लाएंगे एकता का भाव
सब में लाएंगे एकता का भाव
©diyadeepak
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