A atulverma hi 23 जुलाई 2025 रात रात हम सफ़र मेरीतन्हाइयां ही सहारा है।बिन बात किए दिन यूहीं गुजार देना,अब आदत ही बन गया है मेरा।रात हम सफ़र मेरी,अपने साथ जगाए रखती है।आसमान में अनेक तारे, पर चांद जैसा अकेला मै।©atulverma