रात का जादू, सितारों की बातें

रात ढले, जब सितारे खिलते हैं,
अंधेरे को अपनी रोशनी से मिलते हैं।

चाँद की चांदनी, नदी की कलकल,
सितारे कहते हैं, "चल, खोजें अपनी मंज़िल।"

आसमां में वो चमकते हैं, बिना कहे,
अनकही कहानियों को, दिल में सहे।

रात और सितारे, मिलकर करते हैं वायदा,
एक नई सुबह का, एक नई आशा का।