वो रात अंधेरी, जब सितारे बोले,
जैसे आसमान पर चमकीले मोती झोले।
उनकी कान्ति में छुपे असंख्य रहस्य,
जैसे हर एक तारा, एक अनकही कविता बेहद खास।
ये अंतरिक्ष के दीपक, जब धरा पर झांकते,
हर दुःख-दर्द, हर भय से हमें आंकते।
रात भर चमकते हैं, संगीत बजाते,
जैसे नींद में भी, हमें सपने दिखाते।
तो चलो, इन्हें देखें, इस रात के संग,
सितारों के इस अनमोल प्यार में, हो जाएं बंध।