रात धीरे-धीरे उतरी, आसमान में बिखेर दी चांदनी सितारे,
उन सितारों में खोजते हैं लोग, अपने सपने, अपनी हारे।
चमकते हैं वो छोटे-छोटे, दूर गगन में, जैसे अनगिनत पहेलियाँ,
हर एक सितारा, एक कहानी, बुनता है जीवन की नई रेखाएँ।
कभी वे हमसे बातें करते, बेजुबान सही, मगर एहसासों में गहरे,
सिखा जाते हैं वो रात भर में, जीवन के कई अनसुलझे सवालों के पहरे।
और जब सुबह का सूरज आये, सितारे धीरे से ले लेते हैं विदाई,
पर छोड़ जाते हैं वो पीछे, रात की खामोशी में गूंजती अपनी यादें भाई।
रात और सितारे, मानो जैसे जीवन की एक अधूरी कविता,
हर रात सुनाते हैं वे हमको, असीमित आकाश का, अनंत कहानियो