रात की गोद में सितारे

चाँदनी चादर में लिपटी रात
चमक रहे हैं सितारे अनजान

नीले आकाश में बिखरी आभा
हर तारा एक अनकही कहानी

कभी मौन, कभी चमक से भरे
जैसे मन की गहराइयों में दमके

दूर-दूर तक फैली नीलिमा में
जगमगाते हुए, निस्संग, निराले