रात की रानी, सितारों का गहना

चांदनी का पहला कदम, धरती पर जैसे बेहना।
सितारे चुपके से बातें करते, अंधेरे में मुस्कुराते हैं,
रात की चादर में खोये, सपनों की दुनिया सजाते हैं।

आसमान का हर कोना, कहानियों से भरा,
सितारें जैसे किताबों के पन्ने, हर एक में रहस्य धरा।
चमकते हैं, मुस्कुराते हैं, कभी नज़र आते हैं,
फिर भी हर रात अंधेरे में, वो हमें अपना साथ दिखलाते हैं।

रात की गोदी में सितारे, जैसे सपने सजीव हों,
उनकी चमक में खो कर, हर दर्द, हर शोर खो दो।