रात बिछाती है नभ पर सितारों की चादर,
चमकते हैं वे दूर, मानो हर दिल के अक्सर।
खामोशी में उनकी गुफ्तगू सुनती है रात,
सितारों की जगमग में छिपा है जीवन का सार।
अनगिनत सपने, अनकहे राज और अनछुए प्यार,
रात और सितारे मिल जाते हैं यूं, जैसे कोई अधूरी कविता हो पूरी।
दिल की गहराईयों में, जहां दर्द और खुशियों का संगम है,
रात धीरे से कहती है, "सितारों के साथ, हर दर्द को चमकने दो।"
तो चलो, उस अज्ञात को गले लगाएं,
जहां रात और सितारे साथ मिलते हैं,
वहीं पर खो जाएं।