बसंत आया, फूलों का राजा,
खिलते गुलाब, मन में उमंग लाजा।
पवन के गीत, लहराती डाली,
हर दिल में प्यार की बाती जलाई।
गर्मी की दुपहरी, धूप में जलती,
आमों की मिठास, लू के थपेड़े संघर्षित।
शीतल पेय और छाया की खोज में,
सभी जीवन की गर्माहट को सहते।
सावन की झड़ी, हरियाली लाई,
धरती ने नई चुनरी पहनाई।
पक्षी गाते, नदियाँ मुस्काती,
प्रेम की बारिश में सभी नहाती।
पतझड़ लाया, पत्तों का खेल,
नव जीवन की आशा का मेल।
उड़ते पत्ते, नई कहानी बुनते,
मिट्टी के संग नई यात्रा चुनते।
सर्दी का मौसम, धुंधला सवेरा,
ओस की बूंदें, प्रकृति का कवेरा।
अलाव की आग, गर्म चाय की प्याली,
संगीत की महफिल, यादों की गली।
य