बसंत आता है, लेकर प्यार का संदेश,
कलियाँ खिल उठती हैं, प्रेम से हरियाली रेश.
नवीन उमंग, नयी आशाएँ,
जीवन में लाता विशेष सजाएँ.
ग्रीष्म तपता, धरा को बेहाल करे,
धूप में जलते, लोग स्वयं को तरल धरे.
फिर भी मीठे आम लाए, गर्मी के साथ,
खुशी और उमस का मिला जुला व्यवहार.
वर्षा ऋतु तब लाती है सुखदायी बारिश,
प्यासी धरती की प्यास बुझाती निरमिश.
बाहर भीगते हुए, बच्चे उल्लासित,
कागज़ी नौकायें, बरसात की होती रासित.
शरद ऋतु, सुनहरी शामों की पहचान,
ठंडी हवाओं में मिलती नई जान.
पतझड़ की सौंधी खुशबू, माटी की गंध,
आत्मा को छू जाता, जैसे दिव्य वंद.
सर्दी आती है, ओढ़कर कुहासे की चादर,
गर्म कपड़े