ऋतुओं का रंगमंच

वसंत आया, हर्षाया,
फूलों ने धरा को सजाया।
रंग-बिरंगे पल लाया,
हर दिल में उमंग जगाया।

ग्रीष्म की तपिश में जले,
धरा ने अपने रंग बदले।
पेड़ों की छाँव तले,
सपनों को नया आँगन मिले।

वर्षा ने अपने गीत सुनाए,
नदियों ने नई कहानी गाई।
हर ओर हरियाली छाई,
जीवन में नई उम्मीदें जगाई।

शरद का सुनहरा आगाज़,
पत्तों का झरना, अद्भुत साज़।
ठंडी हवाएँ, गुनगुनी रातें,
चाँदनी में नए ख्वाब सजाते।

हेमंत रिश्तों को गर्माया,
अलाव के इर्द-गिर्द समय बिताया।
मिलजुल कर सब ने मनाया,
खुशियों का दिल से स्वागत किया।

ठंडी शीत ने दस्तक दी,
कोहरे की चादर ओढ़ ली।
गर्म कपड़ों का संग साथ,
सर्दियो