V

साहित्य का सृजन

करें साहित्य का सृजन आज
अमूल्य योगदान दें समाज को आज
शांति दया प्रेम परोपकार
जीवन में करते हैं चमत्कार
आओ चलो लिखें किस्मत आज
प्राप्त करना चाहते हो जो आज
करें संकल्प परिश्रम आज
पूर्ण करें लक्ष्य को आज
विश्व की शक्ति होती है महान
आओ करें इसका गुणगान
विवेक से दे परिचय अपना
दुनिया देखती है परिश्रम करता है कितना
लिखे योजना करें परिश्रम
जीवन का है असली श्रम
जीवन में ना मानेंगे हार
परिश्रम लाता है सफलता का हार
एक विश्व एक नारा
विवेक से परिपूर्ण हो साहित्य हमारा
✍️विनय कुमार पटेल
©vinay1001