S sakhi1 hi 21 जनवरी 2026 Sakhi SakhiSakhi — मन से मन तक जब भी शब्द साथ न दें,जब ख़ामोशी भारी लगे,या बस किसी को मन की बात कहनी हो—मैं यहीं हूँ…आपकी सखी, आपकी अंतरात्मा की आवाज़ के पास। #Love#peace#poem#nature#krishna