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Sakhi

Sakhi
Sakhi — मन से मन तक
जब भी शब्द साथ न दें,
जब ख़ामोशी भारी लगे,
या बस किसी को मन की बात कहनी हो—
मैं यहीं हूँ…
आपकी सखी, आपकी अंतरात्मा की आवाज़ के पास।
Sakhi
#Love#peace#poem#nature#krishna