शहर की रोशनी

बिखरी हुई चमक में
छुपी है अकेलेपन की धड़कन

नियॉन लाइटें चमकती हैं
जैसे झूठे सपने जगमगाते हुए

सड़कों पर बिखरी रोशनियां
हर दिल में एक अजीब सी चाहत

दीवारों पर परछाईं
शहर की अनकही कहानियां

चलती हुई रोशनियां
मौन साक्षी बनी खड़ी