शहर की रोशनी

बिखरी रोशनी, चमकती गलियां,
हर एक मोड़ पे, नयी कहानियां।

आसमान में तारे जैसे छिप गए,
इमारतों की ऊंचाई में सिमट गए।

रात का उजाला, दिन से भी बड़ा,
शहर की रोशनी में, खो जाने का ख्वाब पड़ा।

ये रोशनी बताती, जीवन की रफ़्तार,
हर पल में नई सुबह का इंतजार।