श्रम और परिश्रम से धरती को
स्वर्ग बनाएंगे हमतो धरतीपुत्र हैं
दूरियां बहुत कष्ट भी मिटायेंगे
हमतो धरतीपुत्र हैं......
बंजर को उपजाऊ बनाया हमने
सींचा खून पसीने से धरतीपुत्र
हक मजदूरी और परिश्रम से
जंगल जमीन लगाए हैं माटी पुत्र
जो तुम बैठे हो आज घरो में वह
सबको हमने बनाया है मजदूरी
खून पसीने से ये धरती सोना उगले
उगले हीरे मोती नमन करता हूं मैं
तुम पूंजीवादी ने हक मारा हमारा है
शोषण करता कितना वह जाना है
दूर तलक कोई सुनता नहीं प्रजा की
गूंगी बहरी श्रमिक संगठन के नेता
©lawnishtha
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