सिकायत जब हो खुदसे,
देखा करो आइना...
जब प्यार दिखे आँखोमे,
प्यारा लगेगी दुनियाँ...
दिलकी हरबात
जो ना सम्झा बताना...
बदल गयी तेरी राँहे
हुवा ये कब मैने ना जाना...
सिकायत जब हो खुदसे...।
अफसोच है! हम वो ना बन सके
जिसको तु तराँसे...
रेहम भि क्या करता वो खुदा मेरे नसिबपे
जिसने खुद हि लिखाथा पत्थरसे...
दिलकी हरबात
जो ना सम्झा बताना...
बदल गयी तेरी राँहे
हुवा ये कब मैने ना जाना...
सिकायत जब हो खुदसे...॥
कर कुछ ऐसा
जो बस कसमे ना हो...
ऐसा कुछ
जो हरकिसिके बसमे ना हो...
दिलकी हरबात
जो ना सम्झा बताना...
बदल गयी तेरी राँहे
हुवा ये कब मैने ना जाना...
सिकायत जब हो खुदसे...।
©eeshankoch
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