समुद्र का अंतहीन राग

समुद्र की गहराई में खोए सपने,
लहरों की बाँहों में बिखरे अपने।
हर एक लहर अपनी कहानी कहती,
जैसे हर मौज में ज़िंदगी बहती।

किनारे पर आकर शोर मचाती,
फिर खामोशी से वापस लौट जाती।
समुद्र की लहरें, जीवन की सीख,
आती हैं, जाती हैं, बिना किसी दीख।

कभी शांत, कभी उग्र, बदलती रूप,
समुद्र की लहरें, ना जाने कितने सूप।
इनके संग खेलना, मानो जीवन खेल,
हर लहर के संग, नई उम्मीद मेल।

समुद्र और लहरें, मानो जीवन की पहेली,
अनगिनत कहानियाँ, छिपी हैं इसमें अकेली।
जब भी देखो इन्हें, नया अर्थ खोज लो,
जीवन की इस राह पर, हर कदम संजो लो।