समुद्र का गीत

समुद्र की लहरें, जैसे कहानियों की जुबान,
हर आती-जाती लहर, बुनती एक नया आसमान।

कहीं शांत, कहीं उग्र, लहरों का अपना स्वभाव,
हर लहर में छिपे रहस्य, समुद्र का विशाल प्रभाव।

वो निरंतर गाता रहता, चांदनी रात में अपनी धुन,
लहरों पर नृत्य करते तारे, जैसे स्वर्ग से उतरूँ।

उसकी गोद में जाने कितने रहस्य दफ़न हैं,
लहरों की यह जुबान, जैसे इतिहास के पन्ने खोलती।

समुद्र और उसकी लहरें, नयी सवेरे की उम्मीद,
जीवन की उथल-पुथल में, एक स्थिर संगीत।