J

समुद्र के किनारे

समुद्र के किनारे
उड़ती हुई लहरों के शोर भी नहीं पहुंच पाते है जहां
हवाओं के विपरीत ध्वजारोहण होता है जहां
जिनका दिल धड़क रहा है सदियों से यहां
विराजमान द्वारकाधीश है जहां
समुद्र के किनारे बसा जगन्नाथ पुरी है जहां
#PoeAwards#Poemia