समुद्र की आवाज

नीले अनंत में उठती लहरें
हर तरंग एक कहानी कहती

क्षण में उग्र, क्षण में शांत सी
समुद्र की धड़कन मुझे सुनाती

चट्टानों से टकराती लहरें
बैठी हैं जैसे कोई कवयित्री

उछलती, गिरती, फिर उठती हुई
प्रकृति की अनंत कला विभूति