लहरों की अटखेलियाँ, कुछ अनसुलझे सवाल
कभी किनारे आकर फिसलती हैं यह लहरें,
कभी दूर अनंत में खो जाने को बेकरार।
यह समुद्र और उसकी लहरें,
जीवन के संघर्षों सी लगती हैं मुझे,
हर लहर संग नई उम्मीदें आती हैं,
और फिर वापस लौट जाती हैं।
क्या है इन लहरों का मतलब?
शायद यही है जीवन - आना, जाना और फिर आना।