नीले आकाश की गोद में,
लहरें नाचती अनमोल हैं
कभी हँसती, कभी रोती
अनंत की कहानी बोलती
तट पर खड़ा मैं देखता
उनके मौन संगीत को
हर लहर एक सपना लिए
चीरती पल की चुप्पी को
गहराइयों से उठ कर वो
छूती आसमान की चाह
फिर फिसल जाती किनारे
अधूरी सी मीठी आह
नीले आकाश की गोद में,
लहरें नाचती अनमोल हैं
कभी हँसती, कभी रोती
अनंत की कहानी बोलती
तट पर खड़ा मैं देखता
उनके मौन संगीत को
हर लहर एक सपना लिए
चीरती पल की चुप्पी को
गहराइयों से उठ कर वो
छूती आसमान की चाह
फिर फिसल जाती किनारे
अधूरी सी मीठी आह