नीले विशाल आंचल में
लहरें नाचती बेताल
कभी मधुर, कभी प्रचंड
एक अनंत संगीत-जाल
सिल्वर झाग उठता है
हर लहर में छुपा राज
कभी शांत, कभी उग्र
समुद्र का यह अनोखा साज
किनारे पर बैठ मैं देखता
इन लहरों के अनगिन खेल
कभी मुस्कुराते, कभी गरजते
अनंत जल का यह मेल
नीले विशाल आंचल में
लहरें नाचती बेताल
कभी मधुर, कभी प्रचंड
एक अनंत संगीत-जाल
सिल्वर झाग उठता है
हर लहर में छुपा राज
कभी शांत, कभी उग्र
समुद्र का यह अनोखा साज
किनारे पर बैठ मैं देखता
इन लहरों के अनगिन खेल
कभी मुस्कुराते, कभी गरजते
अनंत जल का यह मेल