नीली अनंतता में उछलती लहरें
कभी मंद, कभी प्रचंड
सिल्वर की चमक, नीले आसमान में
डांस करती अविरल, बेलगाम
क्षण भर में उठतीं, क्षण में गिरतीं
समुद्र की सांसों के साथ
कभी शांत, कभी उग्र
प्रकृति का अद्भुत नृत्य
किनारे पर खड़ा मैं देखता
उनकी अनंत यात्रा को
नीली अनंतता में उछलती लहरें
कभी मंद, कभी प्रचंड
सिल्वर की चमक, नीले आसमान में
डांस करती अविरल, बेलगाम
क्षण भर में उठतीं, क्षण में गिरतीं
समुद्र की सांसों के साथ
कभी शांत, कभी उग्र
प्रकृति का अद्भुत नृत्य
किनारे पर खड़ा मैं देखता
उनकी अनंत यात्रा को