समुद्र की गोद में खेलती हैं लहरें,
बिना कहे, बिना सुने,
उनकी कहानियाँ अनसुनी हैं, अनकही हैं।
कभी शांत, कभी विद्रोही,
लहरों में छिपा है जीवन की संघर्ष की कहानी।
हर उत्थान, हर पतन में,
वे सिखाती हैं उठना, गिरना, फिर संभलना।
किनारे से टकराती, छूकर लौट जाती,
लहरें बताती हैं हर मुलाकात की अहमियत।
समुद्र की विशालता में,
लहरें हैं उसके जीवन की आवाज़, उसकी आशाएँ।
इन लहरों में छिपे हैं रहस्य गहरे,
हर मोड़ पर नई कहानी, नई शुरुआत।
समुद्र और लहरें मिलकर बुनते हैं धरती का कविता,
अथाह नीले में छुपी, जीवन की असीमित संभावनाएं।