हर लहर कोई नई कहानी कहती है,
जैसे समुद्र की गहराइयों में, हर रहस्य रहती है।
कभी शांत, कभी उग्र, ये लहरें कैसी अजीब होती है,
साहिल पे आकर टूटती है, फ़िर भी हंसती, खिलखिलाती है।
इन्हें देख कर सोचता हूँ, जीवन क्या इसी का नाम है?
उठना, गिरना, फिर उठना, क्या यही सबको समझाने का काम है?
समुद्र से मिलती ये लहरें, जैसे कोई पुराना दोस्त मिले,
हर बार एक नई कहानी सुनाने, एक नया सबक देने किले।
सुनो, जीवन में जब भी कोई लहर आए,
उसे समुद्र की तरह गले लगा लेना, आगे बढ़ते जाना।