अथाह समुद्र की गहराइयों से,
लहरें जैसे उठती हैं, सपनों की कहानियों से।
उनकी चंचलता में, धरती की प्यास बुझती,
और उनके उल्लास में, हृदय की वीणा झंकृत होती।
हर लहर में है कुछ कहने की आस,
वो बताती है, समुद्र की गहराई की मिठास।
कभी शांत, कभी उग्र, ये लहरें निरंतर,
जीवन के संग्राम में, प्रतीक हैं अडिग सहसर।
लहरें आती हैं, छू जाती हैं किनारों को,
और ले जाती हैं साथ, रेत पर बिखरे हुए अफसानों को।
उनके संगीत में विशाल समुद्र की ध्वनि सुनाई देती,
समुद्र और लहरें, जैसे अनंत कहानियों की परिभाषा लिखती।