कहते हैं कि वक्त किसी के लिए नहीं रुकता,
जो बीत गया,सो बीत गया, फिर कभी नहीं लौटता,
कहीं इसे पानी की तरह बहाते,
तो कुछ इसकी उपयोगिता को नहीं समझ पाते,
लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिसका एक-एक अंश भी व्यर्थ नहीं करते,
और इसका फायदा उसे हर पल मिलता रहता है,
जो बीत गया,सो बीत गया,फिर कभी नहीं लौटता है,
कहीं इसे फिजूल बातों में खर्च कर देते हैं,
और अंत में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं,
तो दूसरी और कुछ इसी समय में अनोखा कर जाते हैं,
क्योंकि समय सुनहरा अवसर बार-बार नहीं देता है,
जो बीत गया, सो बीत गया,फिर कभी नहीं लौटता है,
वक्त,समय,Time, यह तेरे कितने नाम,
पर काम तेरा एक है कि चलना एक ही गति समान,
कुछ कहते हैं कि धीमा चलता है तो कुछ कहते तेज,
पर वास्तव में तू तो सबके लिए समान है यह कोई नहीं समझ पाता है,
जो बीत गया,सो बीत गया, फिर कभी नहीं लौटता है,
.....Kanak Maheshwari
©kanak.art
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