S skmahto hi 23 जुलाई 2025 संस्कार और संस्कृती "अतिथि देवो भवः", यह संस्कार हमारी,संस्कृति जैसे धरोहर से हीं जग में पहचान हमारी।संस्कार और संस्कृति के संगम से,हमारे हृदय में हैं आज खुशियाँ सारी!©skmahto