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सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाती, हमारी विद्युत लाइन

बात ट्यूब की हो या इंसुलेटर पंचर चलने देता नहीं
सुनते ही पंचर हो गया तो समझ जाओ कि कुछ तो
पंचर का मतलब है कहीं से भी छोटी चूक हो जाना
छोटी सी पंचर को चलने नहीं देती किसी गाड़ी को
और कोई इंसुलेटर पंचर है चलने नहीं देता लाइन को
छोटी सी पंचर पता नहीं पड़ती आंख खुली आंखों से
जब तक उसके पास में जाओ नहीं देखने से लगता
कई बार छोटी सी पंचर हादसा पढ़ा कर देती है दोनों
बस इतना है कि समय रहते बदल दो हादसे रुक जा
उनकी पंचर की दुकान यहां बिजली का पावर हाउस
कई किलोमीटर दौड़ा देती है छोटी सी पंचर देखो तो
दोनों के लिए सिर्फ पैदल ही चलना पड़ता है जानते
एक ही सबक है समय रहते देखते रहना हवा मौसम
आंधी तूफान कभी भी आपको पंचर कर देते हैं देखो
मौसम बदला हवाओं ने कांटे भी बिछाए हैं पेड़ों की
पेड़ के कांटे की और न जाने चुगने वाली कई पंचर
यहां तो हर पेड़ की डाली पंछियों के गिलहरियां से
हर दिल में लाइन कोर्ट कभी ना कहीं होती है डाली
वृक्ष साथी है प्रकृति को संतुलन बनाने में अफसोस
लोगों की सुविधा के लिए हर दिन काटना पड़ता है
कोई कर्मचारी नहीं काटना चाहता वृक्ष को जानते हो
लोग वही रास्ता बताते हैं जहां से पेड़ गुजरते हैं देखो
हमारे हाथ नहीं होते पेड़ों की डाल दी काटने को देखो
क्या करें व्यक्ति समझता कहां हैं प्रकृति की पीड़ा को
मजबूरन काटना छांटना पड़ता है पेड़ की डालियां को
पंचर निकल जाए या इंसुलेटर बदल जाए लाइट जले
पंचर निकलते ही दौड़ती है हमारी विद्युत लाइन करंट
बस यही पहचान है पंचर वाले की और बिजली वालों
कोई सरोकार नहीं है जब तक जरूरत ना हो तुम्हारी
सोशल डिस्टेंस का पाठ पढ़ाती, हमारी विद्युत लाइन
©lawnishtha