L

सरहद

हर कोई सरहद को पार करता है
तो कोई हद सर को पार करता है
महफूज नहीं है दीवाने शहर की
हर कोई दीवार गिरने बात करता है
हर चुनाव में सिर्फ सेना शहीद है
राजनीति करने वाले नपुंसक हैं
©lawnishtha