उजाले में धुंधली सी,
एक प्याली गरमा गरम
चुस्की भर में जैसे मिल जाती
जीवन की हर थकान का हल
भाप उठती, सुगंध बिखरती
अरमानों की मीठी चाह
एक घूंट में छुपा है संसार
एक चाय में मेरी राह
उजाले में धुंधली सी,
एक प्याली गरमा गरम
चुस्की भर में जैसे मिल जाती
जीवन की हर थकान का हल
भाप उठती, सुगंध बिखरती
अरमानों की मीठी चाह
एक घूंट में छुपा है संसार
एक चाय में मेरी राह