सुबह की चाय

उजाले में मिलती प्याली
गर्म-गर्म, मनमोहक साली

भाप उठती, अरोमा बिखरता
मन का तम धीरे-धीरे टरता

एक घूंट, फिर एक और सरसराता
जैसे जीवन का स्वाद मुझे बताता

चुस्की भर में छुपा है संसार
क्षण-भर में मिलता अनुपम प्यार