सुबह की पहली किरण जब धरती पर आई,
आंखों ने खुलकर देखा सपनों का संसार समाई।
उस शांत वातावरण में एक कुल्हड़ चाय की महक,
जैसे नींद से जाग रहा हो सारा संसार लेकर एक नई ताकत।
कुछ बूंदें इसमें अदरक की, जोड़ दे जीवन की चुस्की,
हर घूंट में घुलता प्यार और सपनों की मिठास अनछुई।
सुबह की यह चाय न केवल तन को जगाती है,
बल्कि उम्मीदों के संसार में मन को भी ले जाती है।
हर दिन की नई शुरुआत को यह सलाम करती,
सुबह की चाय, जीवन की सारी थकन मिटा, नयी उमंग भरती।