सुबह का सूरज, धीमा धीमा संगीत,
और हाथों में गरम चाय की प्याली।
नींद से जागते ख्वाबों की मीठी बातें,
चाय की धीमी धीमी चुस्की के साथ घुलती रातें।
बालकनी में बैठ, आसमान को निहारते,
चाय का धुआँ, ठंडी हवा में बहता।
कहीं पक्षियों का चहचहाना,
कहीं सड़कों पर जीवन का शोर,
सब कुछ थम सा जाता है,
जब होती है पहली सिप, सुबह की चाय की।