सुबह की चाय

धीरे-धीरे उठता है धुआँ,
सुबह की चाय का जादू छुआँ।
गरमागरम भाप में घुला है प्यार,
हर घूँट में नई उमंग, नई बहार।

अदरक की खुशबू में बंधी है यादें,
चीनी की मिठास जैसे मीठी बातें।
चाय की चुस्कियों में सिमटा सवेरा,
हर दिन की नई शुरुआत का सफर।

कप की गर्माहट से मिलती है राहत,
सुबह की चाय, जीवन की साधना, मानो एक आराधना।