सुबह की चाय

उबलते पानी में डूबा अरमान
मसाले की खुशबू, जैसे जीवन का गान

चुस्की भर में छुपा एक अनकहा राज
थोड़ी मिठास, थोड़ा तीखा साज

भाप उठती, कप में मचलती हुई
जैसे कहती हो, आज फिर चल पड़ी

एक घूँट में मिलता सपनों का बल
मन में उमंग, होठों पर मुस्कुराहट मनमोहक मल