*!!! स्वप्ना !!!*
नींद्रा मुद्रा की अंधकारी पडदे पर...
जिवंत तस्वीरो का चित्रित होना,
मंद अवस्था वाली हकीकत पर...
भिन्न भिन्न ख़यालों का जागृत होना,
ख़्यालों के असीमित बादान पर...
अनोखी अद्भुत ईच्छा का प्रस्तुत होना,
इच्छाओं के उमड़ते प्रवाह पर...
मन को प्रफुल्लित करने वाली धारा का होना,
प्रफुल्लित मन के सूखे बागबान पर...
आनंदित फूलों जड़ित रंगीबेरंगी गुलदस्ते का होना,
किस्मत की मर्यादित स्वभाव के बिस्तर पर...
सुकून भरी संतोषी अंगड़ाई लेने का होना,
नींद्रा मुद्रा के अंधकारी पडदे पर...
अपने चेहरे पर आयी अलौकिक मुस्कुराहट से...
सुनहरी प्रकाश का प्रज्वलित होना...
(हेमंत जे शाह की रचना - 20/11/2019 - 1.03 am)
©hemantjsha
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