तेरी बाहों में कट जाए ज़िंदगी, बस यही अरमान है,
मेरे हर ख़्वाब की हकीकत, तुझसे ही मेरी पहचान है।
मेरी खुशियों का सुरूर हो तुम, मेरी बंदगी की हद भी,
मेरा हर सफ़र तुझसे शुरू, और तुझ पर ही कुर्बान है।
मेरी हर ख्वाहिश की मंज़िल है तेरी बाहें,
खुदा करे उम्र भर बस यही रहें मेरी राहें।
सजाए हैं जो मैंने, वो हर सपना तुझसे है,
मेरी रूह का सकून, मेरी हर खुशी का सुरूर तुझसे है।
"ख्वाहिश बस इतनी है कि उम्र भर तेरा साथ हो,
मेरी हर सुबह, हर शाम बस तेरी बाहों के पास हो।
मेरे सपनों की ताबीर, मेरी खुशियों का आख़िरी नूर हो तुम,
जहाँ से शुरू हुई थी मोहब्बत, वहीं पर खत्म होने वाला सुरूर हो तुम।"
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