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तेरी नहीं से

एक तेरी नहीं से
बिखर से गए हम,
तुझ पर कोई फर्क नहीं
यहां तो ज़िन्दगी वीरान हो गई।
तेरे बगैर अब ज़िंदा तो है
पर जान नहीं रही।
©atulverma