तुम्हारे साथ बिताये वो पल,
अब यादगार से लगते है,
सारे वादे अब झूठे से लगते हैं,
चेहरे की मुस्कान अब,
फ़ीकी सी लगती हैं,
आँखों के आँसू भी,
अब रूठे से लगते हैं,
मानो जैसे हर ख्वाब अब,
सपना सा लगता हैं,
जिंदगी का हर किस्सा अब,
अधूरा सा लगता हैं,
सब कुछ अब पराया सा लगता हैं,
लेकिन फ़िर भी तु,
ना जाने क्यू अपना सा लगता हैं...
©
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