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तुम सावली सी हो मगर बवाल हो।।

तुम सावली सी हो मगर बवाल हो।
तुम खूबसूरती की एक मिशाल हो।
तुम इन्द्र की रती सी ,कृष्ण की राधा सी हो।
तुम रामायण की सीता सी,शिव की सती सी हो।
तुम अर्जुन के धनुष सी, भीम की गदा सी हो।
तुम कृष्ण के सुदर्शन सी , युधिष्ठिर के स्वभाव सी हो।
तुम वेदों के सार सी, गीता के उपदेश सी हो।
तुम पृथ्वी की सुंदरता सी, महाभारत के परिणाम सी हो।
तुम्हारे बारे में और क्या लिखूं, बस इतना समझ लो "कि तुम संगीत की मधुर तान सी हो।।

©mammu