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तुम्हारी याद आती हैं...

तुम्हारे साथ की वो पेहली मुस्कान
अब भी मन को भाती हैं
हाथों में हाथ पकड़े चले हुए
वो सड़के अब भी बुलाती हैं
वो पानी की मंदम सी बेहती लहरे
अब भी तेरी और खीचती हैं
रूठने और मनाने की वो नाकाम कोशिशे
अब भी मन ही मन मलकाती हैं
साथ जिये उन सपनो की दुनिया
हाँ अब भी तुम्हारी याद दिलाती हैं
©dhani