K

तुफान ए इश्क

फसलों सी लहलहाती थी जिदंगी कभी
पानी सा मदमस्त गुनगनाया करते थे
परिंदो से चहका करते थे डाल डाल
वक्त की ऐसी हवा चली, इश्क सा तुफान आया
असर ए तुफान इस कदर हुआ कि
फसलों से उजड़ गये बंजर से विरान हो गये
©kamalsingh