तकलीफ में हू मैं जान,,
बस तू ही निकाल सकती है?
बोलता रहता हूं जान तुझे,
और जान तुझमें बस्ती है,,
मुझे तू ही संभाल सकती है..
चल छोड़ दुनिया को आज,,
कहीं दूर चले हम जाएंगे?
में खुश तभी हो पाता हूं,,
जब तू मेरे सामने हस्ती है,,
मुझे तू ही संभाल सकती हैं..
मान कर सारा जहान तुझे,,
हमने एक गुनाह कर डाला?
भूल गया था प्यार में जान,,
तेरी दुनिया मुझसे अच्छी है,,
मुझे तू ही संभाल सकती है..
SONUJAAN
©sonusharma
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