उदासी तो निर्बलता, अपनी क्षमता पर अविश्वास,
निराशा और स्वार्थ का एक प्रतिबिम ही है,
इसे बस एक बहाना बनाकर अपने आप को मानाने का जरिया ही है,
सुख दुःख तो जीवन में आते कल की काया का आवरण ही है,
हस्ते मुश्कुराते जिन्दगी के हर स्वभाव को स्विकारा...
तब...
सुख हो या दुःख हो...
जिंदगी सरल्ता से जवान को सहलाते हुए बीत ती रहती है... 😊
©hemantjsha
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